युद्ध का वृत्तांत

द्वंद्व शुरू: 24वीं मंज़िल पर हमारा नायक बनाम शापित सूअर।

कालकोठरी की निगाह के तले 9 चालों का संघर्ष।

हमारा नायक शापित सूअर के शह-मात के सामने गिरता है। कालकोठरी क्षमा नहीं करती।

लोड हो रहा है…

चाल दर चाल युद्ध

चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।

शापित सूअर की धार खेल समाप्त करती है: हमारा नायक के विरुद्ध शह-मात।