युद्ध का वृत्तांत

रसातल की गहराइयों में, हमारा नायक रसातल दूत का सामना करता है।

हमारा नायक क्रोध में जवाब देता है: प्यादा D2 से C3 कूदता है और दुश्मन का घोड़ा ले लेता है।

शह-मात। रसातल दूत इस मंज़िल पर हमारा नायक को हराता है।

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चाल दर चाल युद्ध

D2 से C3 तक, हमारा नायक का प्यादा रसातल दूत का घोड़ा निगल जाता है.

कालकोठरी की चालाकी से, रसातल दूत हाथी को D6 पर लाता है. स्थिर हाथ से, हमारा नायक ऊँट को D2 पर लाता है. रसातल दूत B2 तक बढ़ता है और हमारा प्यादा छीन लेता है.

हमारा नायक अपना राजा E1 से F2 आगे बढ़ाता है. रसातल दूत का शह: रानी H4 पर जम जाता है.

बिना जल्दबाज़ी और बिना भय, हमारा नायक राजा को E3 पर रखता है. शह-मात: रसातल दूत F4 पर हमारा नायक को समाप्त करता है.