युद्ध का वृत्तांत
द्वंद्व शुरू: 24वीं मंज़िल पर हमारा नायक बनाम शापित सूअर।
23 चालों के बाद भी धूल अभी नहीं बैठी।
अंत में, हमारा नायक शह-मात देता है और शापित सूअर बिसात से भाग जाता है।
लोड हो रहा है…
चाल दर चाल युद्ध
चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।
शह-मात! हमारा नायक शापित सूअर को गिराकर विजय का दावा करता है।