युद्ध का वृत्तांत

हमारा नायक कांस्य ड्रैगन के सामने मोहरे बिछाता है। कालकोठरी चुपचाप देखती है।

56 चालों के बाद भी धूल अभी नहीं बैठी।

हमारा नायक की घड़ी शून्य पर पहुँचती है। कांस्य ड्रैगन जीत का जश्न मनाता है।

लोड हो रहा है…

चाल दर चाल युद्ध

चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।

हमारा नायक की घड़ी शून्य पर पहुँचती है। कांस्य ड्रैगन जीत का जश्न मनाता है।