युद्ध का वृत्तांत

द्वंद्व शुरू: 89वीं मंज़िल पर हमारा नायक बनाम अग्नि टाइटन।

एक क्रूर प्रहार: अग्नि टाइटन का हाथी D1 पर हमारा नायक का हाथी ले लेता है।

हमारा नायक अग्नि टाइटन के शह-मात के सामने गिरता है। कालकोठरी क्षमा नहीं करती।

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चाल दर चाल युद्ध

शह: हमारा नायक हाथी को H8 लाकर जाल कसता है.

अग्नि टाइटन राजा को E8 से D7 चलाकर जवाब देता है. हमारा नायक D1 पर हाथी से शह देता है.

कालकोठरी की चालाकी से, अग्नि टाइटन हाथी को D4 पर लाता है. स्थिर हाथ से, हमारा नायक हाथी को H5 पर लाता है.

अग्नि टाइटन E4 पर रानी से शह देता है.

हमारा नायक अपना राजा E1 से F1 आगे बढ़ाता है. D1 पर हाथी गिराने के बाद, अग्नि टाइटन हमारा नायक के राजा को धमकाता है.

बिना जल्दबाज़ी और बिना भय, हमारा नायक राजा को F2 पर रखता है. मात। अग्नि टाइटन जाल बंद करता है और हमारा नायक C4 पर गिरता है.