युद्ध का वृत्तांत
द्वंद्व शुरू: 87वीं मंज़िल पर हमारा नायक बनाम गड्ढा स्वामी।
युद्ध 12 चालों तक खिंचता है।
गड्ढा स्वामी की धार खेल समाप्त करती है: हमारा नायक के विरुद्ध शह-मात।
लोड हो रहा है…
चाल दर चाल युद्ध
चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।
शह-मात। गड्ढा स्वामी इस मंज़िल पर हमारा नायक को हराता है।