युद्ध का वृत्तांत

हमारा नायक अंधकार परी के सामने मोहरे बिछाता है। कालकोठरी चुपचाप देखती है।

71 चालों के बाद भी धूल अभी नहीं बैठी।

न हमारा नायक और न अंधकार परी विजय पाते हैं। बिसात पर ड्रॉ।

लोड हो रहा है…

चाल दर चाल युद्ध

चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।

द्वंद्व ड्रॉ पर समाप्त: हमारा नायक और अंधकार परी पीछे हटते हैं।