युद्ध का वृत्तांत

एक नई कथा लिखी जा रही है: हमारा नायक 17वीं मंज़िल पर पतित पुजारी को चुनौती देता है।

पतित पुजारी अपना रानी F3 से F1 ले जाता है और हमारा नायक का हाथी गिरा देता है!

शह-मात। पतित पुजारी इस मंज़िल पर हमारा नायक को हराता है।

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चाल दर चाल युद्ध

हमारा नायक अपना हाथी H1 से F1 आगे बढ़ाता है. पतित पुजारी E6 पर हाथी से शह देता है.

बिना जल्दबाज़ी और बिना भय, हमारा नायक राजा को D2 पर रखता है. पतित पुजारी का हाथी E2 पर पहुँचता है और हमारा नायक के राजा को धमकाता है.

हमारा नायक का राजा C1 पर कब्ज़ा करता है, D2 पीछे छोड़कर. मात। पतित पुजारी जाल बंद करता है और हमारा नायक F1 पर गिरता है.