युद्ध का वृत्तांत
हमारा नायक युवा वृक्ष-दानव के सामने मोहरे बिछाता है। कालकोठरी चुपचाप देखती है।
कालकोठरी की निगाह के तले 19 चालों का संघर्ष।
शह-मात! हमारा नायक युवा वृक्ष-दानव को गिराकर विजय का दावा करता है।
लोड हो रहा है…
चाल दर चाल युद्ध
चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।
युवा वृक्ष-दानव हमारा नायक के शह-मात के सामने गिरता है। कथा और बढ़ती है।