युद्ध का वृत्तांत

एक नई कथा लिखी जा रही है: हमारा नायक 13वीं मंज़िल पर भूत को चुनौती देता है।

33 चालों के बाद भी धूल अभी नहीं बैठी।

अंत में, हमारा नायक शह-मात देता है और भूत बिसात से भाग जाता है।

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चाल दर चाल युद्ध

चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।

शह-मात! हमारा नायक भूत को गिराकर विजय का दावा करता है।