युद्ध का वृत्तांत
एक नई कथा लिखी जा रही है: हमारा नायक 6वीं मंज़िल पर कनखजूरा को चुनौती देता है।
युद्ध 42 चालों तक खिंचता है।
ड्रॉ। कालकोठरी हमारा नायक और कनखजूरा के नाम संजोती है।
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चाल दर चाल युद्ध
चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।
न हमारा नायक और न कनखजूरा विजय पाते हैं। बिसात पर ड्रॉ।