युद्ध का वृत्तांत

हमारा नायक युवा वृक्ष-दानव के सामने मोहरे बिछाता है। कालकोठरी चुपचाप देखती है।

युद्ध 17 चालों तक खिंचता है।

युवा वृक्ष-दानव की धार खेल समाप्त करती है: हमारा नायक के विरुद्ध शह-मात।

लोड हो रहा है…

चाल दर चाल युद्ध

चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।

शह-मात। युवा वृक्ष-दानव इस मंज़िल पर हमारा नायक को हराता है।