युद्ध का वृत्तांत

एक नई कथा लिखी जा रही है: हमारा नायक 11वीं मंज़िल पर कंकाल को चुनौती देता है।

कालकोठरी की निगाह के तले 49 चालों का संघर्ष।

द्वंद्व ड्रॉ पर समाप्त: हमारा नायक और कंकाल पीछे हटते हैं।

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चाल दर चाल युद्ध

चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।

ड्रॉ। कालकोठरी हमारा नायक और कंकाल के नाम संजोती है।