युद्ध का वृत्तांत

हमारा नायक पतित पुजारी के सामने मोहरे बिछाता है। कालकोठरी चुपचाप देखती है।

हमारा नायक क्रोध में जवाब देता है: रानी D1 से D5 कूदता है और दुश्मन का प्यादा ले लेता है।

शह-मात। पतित पुजारी इस मंज़िल पर हमारा नायक को हराता है।

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चाल दर चाल युद्ध

एक साफ़ प्रहार: हमारा नायक का रानी D5 पर प्यादा गिरा देता है.

छिपाव की बदौलत, हमारा नायक बिसात पर पतित पुजारी को धोखा देता है.

पतित पुजारी A1 पर रानी से शह देता है.

स्थिर हाथ से, हमारा नायक राजा को F2 पर लाता है. पतित पुजारी का हाथी F5 से G5 आगे बढ़ता है.

हमारा नायक पतित पुजारी के शह-मात के सामने गिरता है। कालकोठरी क्षमा नहीं करती।