युद्ध का वृत्तांत

एक नई कथा लिखी जा रही है: हमारा नायक 66वीं मंज़िल पर घायल शैतान को चुनौती देता है।

कालकोठरी की निगाह के तले 9 चालों का संघर्ष।

हमारा नायक घायल शैतान के शह-मात के सामने गिरता है। कालकोठरी क्षमा नहीं करती।

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चाल दर चाल युद्ध

चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।

घायल शैतान की धार खेल समाप्त करती है: हमारा नायक के विरुद्ध शह-मात।