युद्ध का वृत्तांत
नालियां की गहराइयों में, हमारा नायक गड्ढे की मकड़ी का सामना करता है।
युद्ध 13 चालों तक खिंचता है।
गड्ढे की मकड़ी हमारा नायक के शह-मात के सामने गिरता है। कथा और बढ़ती है।
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चाल दर चाल युद्ध
चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।
अंत में, हमारा नायक शह-मात देता है और गड्ढे की मकड़ी बिसात से भाग जाता है।