युद्ध का वृत्तांत

हमारा नायक गड्ढे की मकड़ी के सामने मोहरे बिछाता है। कालकोठरी चुपचाप देखती है।

कालकोठरी की निगाह के तले 77 चालों का संघर्ष।

शह-मात! हमारा नायक गड्ढे की मकड़ी को गिराकर विजय का दावा करता है।

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चाल दर चाल युद्ध

चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।

गड्ढे की मकड़ी हमारा नायक के शह-मात के सामने गिरता है। कथा और बढ़ती है।