युद्ध का वृत्तांत
द्वंद्व शुरू: 34वीं मंज़िल पर हमारा नायक बनाम पागल खनिक।
कालकोठरी की निगाह के तले 12 चालों का संघर्ष।
हमारा नायक तब तक टिका रहता है जब तक पागल खनिक की घड़ी शून्य नहीं हो जाती।
लोड हो रहा है…
चाल दर चाल युद्ध
चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।
हमारा नायक तब तक टिका रहता है जब तक पागल खनिक की घड़ी शून्य नहीं हो जाती।