युद्ध का वृत्तांत
द्वंद्व शुरू: 68वीं मंज़िल पर हमारा नायक बनाम जल्लाद।
कालकोठरी की निगाह के तले 21 चालों का संघर्ष।
शह-मात! हमारा नायक जल्लाद को गिराकर विजय का दावा करता है।
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चाल दर चाल युद्ध
चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।
जल्लाद हमारा नायक के शह-मात के सामने गिरता है। कथा और बढ़ती है।