युद्ध का वृत्तांत

हमारा नायक अंधकार परी के सामने मोहरे बिछाता है। कालकोठरी चुपचाप देखती है।

57 चालों के बाद भी धूल अभी नहीं बैठी।

अंत में, हमारा नायक शह-मात देता है और अंधकार परी बिसात से भाग जाता है।

लोड हो रहा है…

चाल दर चाल युद्ध

चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।

शह-मात! हमारा नायक अंधकार परी को गिराकर विजय का दावा करता है।