युद्ध का वृत्तांत
एक नई कथा लिखी जा रही है: हमारा नायक 16वीं मंज़िल पर घूल को चुनौती देता है।
युद्ध 14 चालों तक खिंचता है।
घूल की धार खेल समाप्त करती है: हमारा नायक के विरुद्ध शह-मात।
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चाल दर चाल युद्ध
चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।
शह-मात। घूल इस मंज़िल पर हमारा नायक को हराता है।