युद्ध का वृत्तांत
द्वंद्व शुरू: 11वीं मंज़िल पर हमारा नायक बनाम कंकाल।
कालकोठरी की निगाह के तले 41 चालों का संघर्ष।
शह-मात! हमारा नायक कंकाल को गिराकर विजय का दावा करता है।
लोड हो रहा है…
चाल दर चाल युद्ध
चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।
कंकाल हमारा नायक के शह-मात के सामने गिरता है। कथा और बढ़ती है।