युद्ध का वृत्तांत

हमारा नायक शापित सूअर के सामने मोहरे बिछाता है। कालकोठरी चुपचाप देखती है।

कालकोठरी की निगाह के तले 63 चालों का संघर्ष।

शह-मात! हमारा नायक शापित सूअर को गिराकर विजय का दावा करता है।

लोड हो रहा है…

चाल दर चाल युद्ध

चालों का अभिलेख पुनर्निर्मित नहीं हो सका, पर युद्ध की गूँज अभी भी कालकोठरी में लटकी है।

शापित सूअर हमारा नायक के शह-मात के सामने गिरता है। कथा और बढ़ती है।