युद्ध का वृत्तांत
एक नई कथा लिखी जा रही है: हमारा नायक 49वीं मंज़िल पर सेनापति को चुनौती देता है।
एक क्रूर प्रहार: सेनापति का हाथी A3 पर हमारा नायक का प्यादा ले लेता है।
हमारा नायक सेनापति के शह-मात के सामने गिरता है। कालकोठरी क्षमा नहीं करती।
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चाल दर चाल युद्ध
हमारा नायक प्यादा को बिसात पर फिसलाता है, A2 से A3 तक. सेनापति का हाथी A3 पर गिरता है और हमारा नायक से प्यादा छीन लेता है.
स्थिर हाथ से, हमारा नायक राजा को E2 पर लाता है. सेनापति का शह: रानी B5 पर जम जाता है.
हमारा नायक अपना राजा E2 से D2 आगे बढ़ाता है, और तुरंत बाद सेनापति रानी को A4 पर रखता है, हर वर्ग पर नज़र रखते हुए. बिना जल्दबाज़ी और बिना भय, हमारा नायक राजा को C1 पर रखता है.
सेनापति की धार C2 पर गिरती है और हमारा नायक के विरुद्ध मात है.